Wednesday, 17 December 2025

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 1 : 15

पवित्र बीजक  : प्रग्या बोध :  बेलि  : 1 : 15

बेलि  : 1 : 15

जस  रे  कियेहु  तस  पायेउ , हो  रमैया राम ! 

शब्द  अर्थ  : 

जस  रे  = जैसे  की  !  कियेहु  = किया  है  , कर्म  किया  ! तस  पायेउ = वैसा  उसका  फल  मिला  ! हो  रमैया राम = हे  राममय साधु संतो  ! 

प्रग्या बोध : 

परमात्मा  कबीर  बेलि  के  इस  पद  में  कहते है भाईयों  चेतन  तत्व  परमात्मा  राम  का  नियम  है  जैसे  कर्म  करोगे  वैसा  फल  मिलेगा  ! इस  लिये   फल  की  चाहत  या  चिंता  मत  करो  ! धर्म  करो  कुशल  कर्म  करो  ! विदेशी  यूरेशियन  वैदिक ब्राह्मणधर्म के नर्क से  बाहर  आवो  और  अपना  मुलभारतिय  हिन्दूधर्म  का पालन करो !  
मुलभारतिय हिन्दूधर्म  शिल सदाचार भाईचारा समता ममता का धर्म है , मानव  कल्याण  का  धर्म  है  इस  लिये  उसका ही  पालन करोगे  तो  सुखद  फल  मिलना निच्छित है  ! 

धर्मविक्रमादित्य कबिरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती  
मुलभारतिय  हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान, 
कल्याण ,  अखण्ड हिन्दुस्तान , शिवशृष्टी

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