पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 1 : 15
बेलि : 1 : 15
जस रे कियेहु तस पायेउ , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
जस रे = जैसे की ! कियेहु = किया है , कर्म किया ! तस पायेउ = वैसा उसका फल मिला ! हो रमैया राम = हे राममय साधु संतो !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों चेतन तत्व परमात्मा राम का नियम है जैसे कर्म करोगे वैसा फल मिलेगा ! इस लिये फल की चाहत या चिंता मत करो ! धर्म करो कुशल कर्म करो ! विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म के नर्क से बाहर आवो और अपना मुलभारतिय हिन्दूधर्म का पालन करो !
मुलभारतिय हिन्दूधर्म शिल सदाचार भाईचारा समता ममता का धर्म है , मानव कल्याण का धर्म है इस लिये उसका ही पालन करोगे तो सुखद फल मिलना निच्छित है !
धर्मविक्रमादित्य कबिरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान,
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