बेलि : 1 : 19
राम नाम धन बनिज कियो , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
राम नाम = सत्य , राम नाम सत्य है , चेतन तत्व राम , राजा राम ! धन = संपत्ती , दौलत ! बनिज = व्यापार ! कियो = किया ! हो रमैया राम = हे राममय साधु संतो !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों राम क्या है ये पहले ठिक से जान लो ! राम चेतन तत्व है ! अजर अमर सार्वभौम सर्वव्यापी परमात्मा शक्ती है जो निरकार निर्गुण है वह हम सब में है और हम सब उसमे है ! उसे कोई माया मोह इच्छा तृष्णा वासना कामना लालच अहंकार नही वह अब केवल तत्व रूप या नियम रूप में है ! दिखता नही पर नियम काम करता है जैसे करोगे वैसे भरोगे ! राम कोई स्त्री पुरूष अवतार मुर्ती नही भले ही तुम किसी इंसान का नाम राम रख लो उसे देवता अवतार देव ईश्वर मानो जैसे मौर्य कुल राजा राम ऊर्फ संप्रती मौर्य और उसके सदगूण मर्यादा पालन आदी के कारण पूज्यनीय मानो उसकी पत्थर मुर्ती , मन्दिर बना कर पूजा करो पर वो निर्गुण निराकार मेरा राम नही ! राम वो है जो मरता नही अजर है अमर है उसे पूजा होम हवन धुप दिप , दान दक्षिणा पंडित ब्राह्मण भट और उसके स्तुती में कहे गये मंत्र आदी से कुछ लेना देना नही ! यह झूठा व्यापार विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म के पोंगा पंडितोने अपने फायदे के लिये फैलाया है !
राम किसी मुर्ती अवतार मन्दिर पूजा मंत्र तंत्र में नही वो केवल सत्य में है , धर्म में है शिल मे है सदाचार में है समता न्याय में है ! वर्णवादी , जातिवादी ब्राह्मणवादी वसाहतवादी पुंजीवादी मनुवादी राम नाम का केवल व्यापार कर रहे है भक्ती नही ! ये झूठे लोग है !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान
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