पवित्र बीजक : प्रग्या बोध : बेलि : 1 : 16
बेलि : 1 : 16
हमरे दोष का देहु , हो रमैया राम !
शब्द अर्थ :
हमरे दोष = हमे दोष ना दे ! का देहु = क्यू देते हो ! हो रमैया राम = हे राममय साधु संतो !
प्रग्या बोध :
परमात्मा कबीर बेलि के इस पद में कहते है भाईयों आप का अहित होता है तो बाद मे हमे दोष ना देना ! हम तो आपको बार बार समजा रहे है विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और मुलभारतिय हिन्दूधर्म अलग अलग है ! विदेशी यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्मी ना हिन्दू है ना हिन्दुस्तानी ! वे देश , धर्म और समाज के दुष्मन है ! उनका वैदिक ब्राह्मणधर्म यह धर्म नही अधर्म है , उनकी संस्कृती कोई संस्कृती नही विकृती है ! वे वेद भेद मनुस्मृती जातिवाद ऊचनीच भेदाभेद छुवाछुत अस्पृष्यता विषमता शोषण गुलामी मानते है वे तुम्हे अपने से निचे के वर्ण जाती के मानते है ! वो ब्राह्मण केवल एक वर्ण सवर्ण है , बाकी सभी सभी मुलभारतिय और मुलभारतिय हिन्दूधर्मी है ! समता विषमता का यह खेल ये विचार कानुन धर्म आपके हित का नही ! आपका शोषण हो रहा है हम बता रहे है , ब्राह्मण अधमी है उनका अधमी धर्म पालन कर आप नर्क मे जा रहे हो ! हमे दोष मत दो ! हम बार बार आपको समजा रहे है !
धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस
दौलतराम
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती
मुलभारतिय हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान,
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