Thursday, 18 December 2025

Pavitra Bijak : Pragya Bodh : Beli : 1 : 16

पवित्र बीजक  : प्रग्या बोध :  बेलि  : 1 : 16

बेलि  : 1 : 16

हमरे  दोष  का  देहु , हो रमैया राम ! 

शब्द  अर्थ  : 

हमरे  दोष  = हमे  दोष ना  दे  ! का  देहु  = क्यू  देते  हो  ! हो रमैया राम = हे  राममय  साधु संतो  ! 

प्रग्या  बोध  :

परमात्मा  कबीर  बेलि  के  इस  पद  में  कहते  है भाईयों  आप  का  अहित  होता  है  तो  बाद  मे  हमे  दोष  ना  देना  ! हम  तो  आपको  बार  बार  समजा रहे  है  विदेशी  यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्म और  मुलभारतिय  हिन्दूधर्म  अलग  अलग  है  ! विदेशी  यूरेशियन वैदिक ब्राह्मणधर्मी ना  हिन्दू  है  ना  हिन्दुस्तानी  ! वे  देश  , धर्म  और  समाज  के  दुष्मन  है  !  उनका  वैदिक ब्राह्मणधर्म यह  धर्म  नही  अधर्म  है  , उनकी  संस्कृती  कोई  संस्कृती  नही  विकृती  है  !  वे   वेद  भेद  मनुस्मृती  जातिवाद  ऊचनीच  भेदाभेद  छुवाछुत  अस्पृष्यता  विषमता शोषण गुलामी  मानते  है  वे  तुम्हे  अपने  से  निचे  के  वर्ण  जाती  के  मानते  है  !  वो  ब्राह्मण  केवल   एक  वर्ण  सवर्ण  है ,  बाकी  सभी  सभी  मुलभारतिय  और  मुलभारतिय  हिन्दूधर्मी  है  ! समता  विषमता  का  यह  खेल  ये  विचार  कानुन  धर्म  आपके  हित  का नही  ! आपका  शोषण  हो  रहा  है  हम  बता  रहे  है  , ब्राह्मण  अधमी  है  उनका  अधमी  धर्म  पालन  कर  आप  नर्क  मे  जा  रहे  हो  ! हमे  दोष  मत  दो  ! हम  बार  बार  आपको  समजा रहे  है  ! 

धर्मविक्रमादित्य कबीरसत्व परमहंस 
दौलतराम 
जगतगुरू नरसिंह मुलभारती  
मुलभारतिय  हिन्दुधर्म विश्वपीठ प्रतिष्ठान, 
कल्याण , अखण्ड हिन्दुस्तान  , शिवशृष्टी

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